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प्रशिक्षण पक्ष

       

श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग, झारखण्ड के नियंत्रणाधीन निदेशालय, नियोजन एवं प्रशिक्षण (प्रशिक्षण पक्ष) राज्य के युवाओं को २२ सरकारी एवं १४८ गैर सरकारी औधोगिक प्रशिक्षण संस्थानों, जो पुरे राज्य मे फैलें है, के माध्यम से इंजीनियरिंग एवं नन-इंजीनियरिंग व्यवसायों मे व्यवसायिक प्रशिक्षण प्रदान करता है. वर्तमान में सरकारी एवं गैर सरकारी औधोगिक प्रशिक्षण संस्थानों को मिलाकर पुरे राज्य मे सालाना प्रशिक्षण देने की क्षमता लगभग २९,५०० है. निदेशालय एक महत्वाकांक्षी योजना के तहत राज्य मे ९० नए औधोगिक प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना कर रहा है. इन नए प्रस्तावित संस्थानों को निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की भागीदारी के सिद्धांत (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) पर चलाया जायेगा. इन संस्थानों के कार्यरत हो जाने के उपरांत राज्य के औधोगिक प्रशिक्षण संस्थानों की क्षमता में अप्रत्याशित वृद्धि होगी.
राज्य के ०४ औधोगिक प्रशिक्षण संस्थानों मे सेन्टर ऑफ एक्सेलेन्स की स्थापना निम्नवत है :-
१. औधोगिक प्रशिक्षण संस्थान(सामान्य), राँची - प्रोडक्शन एंड मैनुफैक्चरिंग सेक्टर.
२. औधोगिक प्रशिक्षण संस्थान(कल्याण), राँची - इलेक्ट्रीकल सेक्टर.
३. औधोगिक प्रशिक्षण संस्थान, साहेबगंज - इलेक्ट्रीकल सेक्टर.
४. औधोगिक प्रशिक्षण संस्थान, धनबाद - आई० टी० सेक्टर.
केन्द्र प्रायोजित योजना “१३९६ औधोगिक प्रशिक्षण संस्थानों का पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के अंतर्गत उन्नयन” के अंतर्गत राज्य मे ०८ औधोगिक प्रशिक्षण संस्थान (महिला सहित) उन्नयन किये जा रहे है, जो निम्नवत है :-
१. औधोगिक प्रशिक्षण संस्थान, चाईबासा
२. औधोगिक प्रशिक्षण संस्थान, दुमका
३. औधोगिक प्रशिक्षण संस्थान, डाल्टनगंज
४. औधोगिक प्रशिक्षण संस्थान, जमशेद्पुर
५. औधोगिक प्रशिक्षण संस्थान, सरायकेला-खरसावां
६. औधोगिक प्रशिक्षण संस्थान, गिरिडीह
७. महिला औधोगिक प्रशिक्षण संस्थान, राँची एवं
८. महिला औधोगिक प्रशिक्षण संस्थान, जमशेदपुर
निदेशालय ने गोड्डा एवं तमाड(राँची) मे पी०पी०पी० के अंतर्गत औधोगिक प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना हेतु एम०ओ०यू०किया है. गोड्डा मे औधोगिक प्रशिक्षण संस्थान पहले ही कार्यरत हो चूका है. औधोगिक प्रशिक्षण संस्थान, तमाड के वर्ष-२०१३ मे कार्यरत हो जाने की सम्भावना है.
शिक्षुता अधिनियम के अनुपालन हेतु राज्य को ०४ अलग-अलग क्षेत्रों में बाँटा गया है एवं प्रत्येक क्षेत्र के लिये एक सहायक निदेशक प्रशिक्षण का पद सृजित किया गया है. सहायक निदेशकों के ये कार्यालय राँची, जमशेद्पुर, दुमका एवं आदित्यपुर में कार्यरत हैं.
निदेशालय ने अब तक कुल ७४ वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोवाईडर कों पंजीकृत किया है. जिनके माध्यम से केन्द्र प्रायोजित योजना स्कील डेवल्पमेंट इनीसियेटिव/मोड्यूलर एम्प्लायबल स्कील्स का कार्यान्वयन किया जा रहा है और अधिक संख्या में वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोवाईडर का पंजीयन किया जा रहा है. ताकि इस योजना को राज्य के सुदूर हिस्सों मे पहूँचाया जा सके और समाज के कमजोर वर्गों का कौशल विकास किया जा सके.